जेना ज़ैंग्स : आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। मिनेसोटा की दो शिक्षाविदों ने मात्र 48 घंटों में एक ऐसा AI-पावर्ड ऐप विकसित किया है, जो K-12 छात्रों के लिए शिक्षा को पूरी तरह व्यक्तिगत (पर्सनलाइज्ड) बना देता है। इस ऐप का नाम है Let’s Get REAL। इसमें यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट थॉमस की चीफ डेटा एंड एनालिटिक्स ऑफिसर जेना ज़ैंग्स (Jena Zangs) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जेना ज़ैंग्स Let’s Get REAL ऐप क्या है और कैसे काम करता है?
यह AI टूल शिक्षकों को एक ही लेसन प्लान को विभिन्न छात्रों की जरूरतों के अनुसार अनुकूलित करने में मदद करता है। मुख्य फीचर्स:
- विभिन्न रीडिंग लेवल के अनुसार कंटेंट एडजस्टमेंट
- डिस्लेक्सिया फ्रेंडली फॉर्मेटिंग
- एडवांस्ड एक्सटेंशन और IEP (व्यक्तिगत शिक्षा योजना) गोल्स का सपोर्ट
- मल्टीलिंगुअल ऑडियो नैरेशन – छात्र अपनी मातृभाषा में लेसन सुन सकते हैं
- जिससे अभिभावक भी होमवर्क में आसानी से मदद कर सकते हैं
- AI-प्रूफ टेस्ट जेनरेशन

- शिक्षक सिर्फ लेसन प्लान ऐप में डालते हैं, छात्रों की जरूरतें बताते हैं
- और ऐप तुरंत अनुकूलित वर्जन तैयार कर देता है। इससे शिक्षकों का समय बचता है
- और छात्र क्लासरूम में ज्यादा शामिल और सपोर्टेड महसूस करते हैं।
- जेना ज़ैंग्स ने कहा, “यह ऐप शिक्षकों को एक ही लेसन प्लान में जरूरी बदलाव तुरंत करने की सुविधा देता है
- ताकि टीम वर्क बना रहे और किसी को मैनुअली सब कुछ बदलना न पड़े।
- उनकी बेटी के IEP अनुभव ने उन्हें इस प्रोजेक्ट से जोड़ा।
AI से शिक्षा में व्यक्तिगत化 का भविष्य
यह ऐप शिक्षा को समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। विशेष जरूरतों वाले छात्र, बहुभाषी लर्नर्स और अलग-अलग लेवल के छात्र अब एक ही क्लास में बिना अलग महसूस किए सीख सकते हैं। डेवलपर शैनन सीवर ने कहा, “अब हम सच में शिक्षा को व्यक्तिगत बना सकते हैं।”
- यह खबर यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट थॉमस और KARE 11 पर फीचर हुई है। AI शिक्षा टूल्स का
- उज्ज्वल है, जो शिक्षकों का बोझ कम कर छात्रों की सफलता बढ़ाएगा।











