दावोस 2026 : 19 जनवरी 2026 से स्विट्जरलैंड के खूबसूरत अल्पाइन शहर दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक शुरू हो गई है। इस पांच दिवसीय वैश्विक सम्मेलन (19-23 जनवरी 2026) की थीम “A Spirit of Dialogue” (संवाद की भावना) है, जो आज की टूटी-फूटी दुनिया में सहयोग, संवाद और समाधान पर फोकस करती है। दुनिया भर से करीब 3,000 से ज्यादा लीडर्स, जिसमें 130+ देशों के हेड्स ऑफ स्टेट, 850+ CEOs, मंत्री, विशेषज्ञ और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इस बार भारत ने पावर-पैक्ड और अब तक की सबसे मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। भारत वैश्विक मंच पर अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश के अवसरों और नवाचार की ताकत दिखा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, ट्रंप के टैरिफ, AI क्रांति और जलवायु चुनौतियों के बीच भारत स्थिर विकास और पार्टनरशिप का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है।
दावोस 2026 भारत की मजबूत प्रतिनिधिमंडल – कौन-कौन शामिल?
भारत का प्रतिनिधिमंडल इस बार ऐतिहासिक है। इसमें 4 केंद्रीय मंत्री, 5+ मुख्यमंत्री, 100 से ज्यादा CEOs और राज्य स्तर के हाई-लेवल डेलिगेशन शामिल हैं। प्रमुख नाम:

- केंद्रीय मंत्री: अश्विनी वैष्णव (रेल, आईटी), शिवराज सिंह चौहान (कृषि), प्रल्हाद जोशी (नवीकरणीय ऊर्जा), के राममोहन नायडू (सिविल एविएशन)।
- मुख्यमंत्री: देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र), एन चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), मोहन यादव (मध्य प्रदेश)
- रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), हेमंत सोरेन (झारखंड), हिमंता बिस्वा सरमा (असम) आदि।
- टॉप CEOs: मुकेश अंबानी (रिलायंस), एन चंद्रशेखरन (टाटा), संजीव बजाज (बजाज), सुंदर पिचाई (गूगल से जुड़े), अन्य जैसे नंदन नीलेकानी, सलिल पारेख, सुधर्शन वेणु आदि।
- अन्य: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी
- (जेंडर इक्विटी अलायंस), गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी, उत्तर प्रदेश, केरल, झारखंड आदि राज्यों के डेलिगेशन।
10+ भारतीय राज्य अपने अलग पवेलियन के साथ निवेश के अवसर दिखा रहे हैं, जैसे मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना आदि। इंडिया पवेलियन में AI लाउंज, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस है।
प्रमुख एजेंडा और चर्चाएं – भारत का फोकस क्या?
- “क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है?” – यह पैनल डिस्कशन सबसे हॉट टॉपिक है।
- AI गवर्नेंस, सस्टेनेबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी, इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप।
- बाइलेटरल मीटिंग्स और साइड इवेंट्स में लॉन्ग-टर्म कैपिटल आकर्षित करने पर जोर।
- वैश्विक रिस्क्स जैसे जियोइकोनॉमिक कॉन्फ्रंटेशन, इनकम इनइक्वालिटी और साइबर सिक्योरिटी पर भारत की मजबूत पोजीशन।
भारत “Partner with Bharat” का मैसेज दे रहा है – भविष्य के साथ जुड़ें, निवेश करें!
वैश्विक लीडर्स की मौजूदगी
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप सबसे बड़े स्टार हैं, जो अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी डेलिगेशन (5+ सेक्रेटरी) के साथ आए हैं। अन्य प्रमुख नाम:
- UN सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस
- IMF मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा
- वर्ल्ड बैंक प्रेसिडेंट अजय बंगा
- ECB प्रेसिडेंट क्रिस्टीन लेगार्ड
- WHO डायरेक्टर जनरल टेड्रोस आदि।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है दावोस 2026?
आज की अनिश्चित दुनिया में भारत स्थिरता, ग्रोथ और इनोवेशन का सिंबल बन रहा है। यह सम्मेलन निवेश, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ग्लोबल पार्टनरशिप के नए दरवाजे खोलेगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत की यह उपस्थिति “India Everywhere” कैंपेन का मजबूत प्रदर्शन है।
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