भारत की BRICS 2026 : 13 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS 2026 का आधिकारिक लोगो और वेबसाइट लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने घोषणा की कि भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता चार प्रमुख प्राथमिकताओं Resilience (लचीलापन), Innovation (नवाचार), Cooperation (सहयोग) और Sustainability (स्थिरता) – पर आधारित होगी। ये प्राथमिकताएं BRICS के तीन मूल स्तंभों – राजनीतिक एवं सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय, तथा सांस्कृतिक एवं जन-जन संपर्क – पर एक संतुलित और सुसंगत ढांचा प्रदान करेंगी।
#भारत 1 जनवरी 2026 से BRICS की अध्यक्षता संभाल चुका है और 2026 में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित करेगा। यह वर्ष BRICS के 20 साल पूरे होने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
भारत की BRICS 2026 की चार प्रमुख प्राथमिकताएं विस्तार से
लचीलापन (Resilience) वैश्विक चुनौतियों और झटकों से निपटने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा बनाना। जयशंकर ने कहा, “हम कृषि, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, ऊर्जा और सप्लाई चेन में लचीलापन बढ़ाने पर काम करेंगे। BRICS सदस्य देशों के साथ सहयोगी ढांचे बनाएंगे जो सामूहिक तैयारी और प्रतिक्रिया को मजबूत करेंगे।” यह प्राथमिकता वैश्विक संकटों जैसे महामारी, ऊर्जा संकट और आपदाओं से बचाव पर फोकस करती है।

नवाचार (Innovation) नवाचार वैश्विक आर्थिक विकास का मुख्य इंजन है। भारत नए और उभरते तकनीकों का उपयोग करके विकासशील देशों की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का समाधान करना चाहता है। जयशंकर ने जोर दिया कि यह लोगों-केंद्रित दृष्टिकोण से होगा। स्टार्टअप्स, MSMEs और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाकर एक अधिक समान दुनिया बनाई जाएगी। AI, डिजिटल ट्रेड और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर विशेष ध्यान रहेगा।
- सहयोग (Cooperation) BRICS सदस्यों के बीच व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना।
- यह प्राथमिकता राजनीतिक संवाद, आर्थिक एकीकरण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगी।
- भारत का मानना है कि सहयोग से साझा चुनौतियों का संतुलित और समावेशी तरीके से समाधान संभव है।
स्थिरता (Sustainability) जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास मार्गों को बढ़ावा देना। जयशंकर ने कहा, “भारत जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाएगा, स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन देगा और निष्पक्ष एवं संवेदनशील तरीके से टिकाऊ विकास का समर्थन करेगा।” यह प्राथमिकता पर्यावरण संरक्षण और सभी के लिए विकास सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
BRICS 2026 लोगो और वेबसाइट का महत्व
- लोगो में परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मिश्रण है। इसमें कमल के पंखुड़ियां हैं
- जो सभी BRICS सदस्य देशों के रंगों को दर्शाती हैं – एकता में विविधता और साझा उद्देश्य का प्रतीक।
- जयशंकर ने कहा कि लोगो BRICS की ताकत सदस्यों के सामूहिक योगदान से आती है,
- जबकि उनकी अलग-अलग पहचान का सम्मान भी करता है।
- BRICS India 2026 वेबसाइट एक सामान्य मंच बनेगी जहां बैठकें, पहल
- और परिणामों की जानकारी उपलब्ध होगी। यह पारदर्शिता, जुड़ाव और समय पर सूचना प्रसार को बढ़ाएगा।
BRICS का विकास और भारत की भूमिका
- #BRICS की शुरुआत 2001 में BRIC के रूप में हुई थी, 2010 में दक्षिण अफ्रीका शामिल होने
- से BRICS बना। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE पूर्ण सदस्य बने
- 2025 में इंडोनेशिया शामिल हुआ। कई अन्य देश पार्टनर के रूप में जुड़े हैं।
- भारत इस विस्तारित BRICS को नेतृत्व देगा।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत मानवता-प्रथम और लोगों-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएगा।
- वैश्विक बहुपक्षीय व्यवस्था को सुधारने और समकालीन वास्तविकताओं को दर्शाने पर जोर दिया जाएगा।
भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता वैश्विक चुनौतियों के बीच उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक मजबूत मंच साबित होगी। लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर आधारित यह अध्यक्षता न केवल BRICS को मजबूत करेगी बल्कि वैश्विक कल्याण में योगदान देगी।












