थाईलैंड-कंबोडिया विवाद में भगवान विष्णु की मूर्ति तोड़े जाने पर भारत ने जताई चिंता अपमानजनक कृत्य से आहत भावनाएं!

On: December 25, 2025 2:58 PM
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थाईलैंड-कंबोडिया विवाद

थाईलैंड-कंबोडिया विवाद : 25 दिसंबर 2025 को थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद फिर सुर्खियों में है। इस संघर्ष के दौरान थाई सेना द्वारा भगवान विष्णु की मूर्ति को तोड़े जाने की खबरों पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने इसे “अपमानजनक कृत्य” करार देते हुए कहा कि ऐसे कार्य विश्व भर के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। यह मूर्ति हाल ही में बनी थी और विवादित क्षेत्र में स्थित थी। इस लेख में हम घटना की पूरी जानकारी, भारत की प्रतिक्रिया, थाईलैंड का स्पष्टीकरण और सीमा विवाद के बैकग्राउंड पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

थाईलैंड-कंबोडिया विवाद घटना का विवरण क्या हुआ?

#थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच 22 दिसंबर 2025 को थाई सेना ने विवादित क्षेत्र चोंग अन मा में भगवान विष्णु की एक मूर्ति को तोड़ दिया। वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसमें थाई इंजीनियर्स मूर्ति को ढहाते दिख रहे हैं। कंबोडिया का दावा है कि यह मूर्ति उनकी सीमा के अंदर अन सेस क्षेत्र में थी और 2014 में बनी थी। थाईलैंड ने इसे कैसीनो के पास का प्रतीक बताया, जिसे कंबोडियाई सैनिकों ने अवैध रूप से अपनी संप्रभुता दिखाने के लिए लगाया था। थाई सेना का कहना है कि यह कोई रजिस्टर्ड धार्मिक स्थल नहीं था, बल्कि सुरक्षा और क्षेत्र प्रबंधन के लिए हटाया गया।

थाईलैंड-कंबोडिया विवाद
थाईलैंड-कंबोडिया विवाद

भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया!

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने 24 दिसंबर को बयान जारी कर कहा:

  • “हमने हाल ही में बनी हिंदू देवता की मूर्ति तोड़े जाने की रिपोर्ट्स देखी हैं, जो थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद से प्रभावित क्षेत्र में स्थित थी।”
  • “हिंदू और बौद्ध देवता क्षेत्र में गहराई से पूजे जाते हैं और हमारी साझा सभ्यता की धरोहर का हिस्सा हैं।”
  • “क्षेत्रीय दावों के बावजूद, ऐसे अपमानजनक कृत्य विश्व भर के अनुयायियों की भावनाओं को चोट पहुंचाते हैं और नहीं होने चाहिए।” भारत ने दोनों देशों से संवाद और कूटनीति के जरिए शांति बहाल करने की अपील की, ताकि आगे जान-माल और धरोहर का नुकसान न हो।

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद का बैकग्राउंड

  • यह विवाद मुख्य रूप से प्राचीन प्राह विहार मंदिर (Preah Vihear Temple) के आसपास का है
  • जो हिंदू-बौद्ध स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है। 2025 में जुलाई से सैन्य झड़पें शुरू हुईं
  • जिसमें एयरस्ट्राइक और जमीनी लड़ाइयां हुईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जुलाई में सीजफायर कराया
  • लेकिन दिसंबर में फिर संघर्ष भड़क उठा। दोनों देश एक-दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।
  • इस संघर्ष में दर्जनों लोग मारे गए और लाखों विस्थापित हुए।

अन्य प्रतिक्रियाएं!

कंबोडिया ने भी मूर्ति तोड़े जाने की निंदा की और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया। थाईलैंड ने स्पष्ट किया कि वे हिंदू धर्म का सम्मान करते हैं, लेकिन यह संरचना धार्मिक नहीं थी।

साझा धरोहर की रक्षा जरूरी

  • यह घटना दक्षिण-पूर्व एशिया में हिंदू-बौद्ध साझा विरासत की याद दिलाती है।
  • भारत की चिंता दिखाती है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सीमा विवादों से ऊपर होना चाहिए।
  • उम्मीद है कि दोनों देश संवाद से समस्या सुलझाएंगे और ऐसी धरोहरों की रक्षा करेंगे।

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