Introduction : Hybrid Computer
हाइब्रिड कंप्यूटर एक प्रकार का कंप्यूटर होता है जो एनालॉग और डिजिटल दोनों प्रकार के कंप्यूटरों की विशेषताओं को मिलाकर काम करता है। यह कंप्यूटर एनालॉग कंप्यूटर की तेज गणना क्षमता और डिजिटल कंप्यूटर की सटीकता और प्रोग्राम करने की क्षमता को संयोजित करता है।
हाइब्रिड कंप्यूटर की कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
दोहरी प्रोसेसिंग क्षमता: हाइब्रिड कंप्यूटर दोनों प्रकार के डेटा (निरंतर और विविक्त) को प्रोसेस कर सकता है। यह एनालॉग और डिजिटल सिग्नल्स दोनों के साथ काम करता है।
सटीक और तेज: हाइब्रिड कंप्यूटर एनालॉग कंप्यूटर की तरह तेजी से गणनाएँ कर सकता है और डिजिटल कंप्यूटर की तरह सटीक परिणाम प्रदान कर सकता है।
विशेष उपयोग: हाइब्रिड कंप्यूटर अक्सर ऐसे क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं जहाँ उच्च गति और उच्च सटीकता दोनों की आवश्यकता होती है, जैसे कि मेडिकल डायग्नोस्टिक उपकरण (ईसीजी और ईईजी मशीनें), विमानन सिमुलेशन, औद्योगिक प्रक्रिया नियंत्रण, और वैज्ञानिक अनुसंधान।
डेटा रूपांतरण: हाइब्रिड कंप्यूटरों में एनालॉग से डिजिटल (A/D) और डिजिटल से एनालॉग (D/A) कन्वर्टर्स होते हैं, जो विभिन्न प्रकार के डेटा को प्रोसेस करने के लिए आवश्यक होते हैं।
उदाहरण के लिए, एक मेडिकल डायग्नोस्टिक मशीन में, एनालॉग सिग्नल (जैसे हृदय की धड़कन) को डिजिटल डेटा में परिवर्तित किया जाता है, जिसका विश्लेषण कंप्यूटर द्वारा किया जा सकता है।
हाइब्रिड कंप्यूटर एक ऐसे समाधान के रूप में कार्य करता है जो एनालॉग और डिजिटल कंप्यूटर दोनों के लाभों का उपयोग करता है, विशेष रूप से उन अनुप्रयोगों में जहाँ तेजी से गणना और उच्च सटीकता दोनों की आवश्यकता होती है।