Grahan 2026 जानें साल Grahan 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब और कहां लगेगा, चंद्र ग्रहण किस दिन पड़ेगा और इनमें क्या रखें खास सावधानियां, भारत में कहां मान्य होगा सूतक काल और किन देशों में देखे जा सकेंगे ये ग्रहण।
Grahan 2026 पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को, भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में दिखेगा
3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण का दृश्य दुनिया के कई क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। यह ग्रहण अमेरिका, रूस, एशिया, अंटार्कटिका, ओशिनिया और अलास्का में दिखेगा। खास बात यह है कि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि यह समय क्षेत्र के हिसाब से अधिकतम प्रभाव अमेरिका-यूरोप-एशिया की कुछ हिस्सों में रहेगा।
2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब और कहां होगा?

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन अंटार्कटिका, दक्षिण पूर्वी अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों, और महासागरों में दिखाई देगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (रिंग ऑफ फायर) होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाएगा और एक चमकदार अंगूठी दिखाई देगी।
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण और होली का खास संयोग
पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ेगा। यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा जो भारत समेत एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में भी दिखाई देगा। खास बात यह है कि इस दिन होली का पर्व भी मनाया जाएगा, जिससे यह ग्रहण और भी महत्वपूर्ण बन जाता है।
ग्रहणों के दौरान ध्यान रखने वाली बातें और पूजाएं
ग्रहण के दौरान सूतक काल माना जाता है जब धार्मिक और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां जरूरी होती हैं।
इस दौरान पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है तथा गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
ग्रहण काल में नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए मंत्र जाप और ध्यान लाभकारी होते हैं।
2026 में कुल कितने ग्रहण होंगे और उनकी खास बातें
साल 2026 में कुल 4 ग्रहण होंगे: दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण।
इनमें से पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी और पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च है।
दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को और दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेंगे।
साल 2026 में ‘फुल ब्लड मून’ भी नजर आएगा, जो विशेष खगोलीय घटना है।
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व
सूर्य और चंद्र ग्रहण को ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है।
ये ग्रहण जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। ग्रहणों का प्रभाव राशि अनुसार
अलग-अलग होता है। ग्रहण काल में शुभ कार्यों से बचा जाता है
और नकारात्मक प्रभावों से बचने के उपाय किए जाते हैं।
ग्रहण देखते समय क्या करें और क्या न करें?
ग्रहण के दौरान आंखों की सुरक्षा जरूरी होती है, सीधे सूर्य को नहीं
देखना चाहिए। ग्रहण के समय पवित्र स्थान पर रहना और पूजा करना शुभ होता है।
भोजन ग्रहण से पहले और बाद में ताजा और शुद्ध खाना चाहिए।
इस दौरान गर्भवती महिलाओं व बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
2026 के ग्रहणों की जानकारी भारत और विश्व में कहां-कहां दिखेगी
पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन दूसरा सूर्य ग्रहण भी
भारत में नहीं दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण 3 मार्च और 28 अगस्त को भारत सहित एशिया,
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में नजर आएंगे। ग्रहणों के दृश्य होने











