गोपालगंज 29 नवंबर 2025 : बिहार के गोपालगंज जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत स्वीकृत 1036 परिवार आज भी पहली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। ये वो गरीब परिवार हैं जिनके नाम 2024-25 की लिस्ट में शामिल हैं, आधार-आधारित पेमेंट सिस्टम (Aadhaar Based Payment) पूरा हो चुका है, फिर भी उनके खाते में एक भी रुपया नहीं आया। दूसरी तरफ जिले में 5,000 से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन लाभुकों की यह शिकायत योजना की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है।
आखिर क्यों अटकी है 1036 परिवारों की पहली किस्त?
जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग के सूत्रों के मुताबिक मुख्य वजहें ये हैं:

- FTO (Fund Transfer Order) में तकनीकी खामियां – कई लाभुकों का Aadhaar बैंक खाते से लिंक तो है, लेकिन NPCI मैपिंग में दिक्कत आ रही है।
- आधार सीडिंग में गड़बड़ी – कुछ मामलों में आधार नंबर गलत दर्ज हुआ या डुप्लिकेट पाया गया।
- भू-सत्यापन में देरी – कई पंचायतों में GEO-Tagging और Aadhaar Authentication अभी पूरा नहीं हुआ।
- सर्वर और सॉफ्टवेयर अपडेट का इश्यू – PMAY-G MIS पोर्टल पर बार-बार सर्वर डाउन होने की शिकायतें।
इन सबके बीच सबसे दुखदर्नाक स्थिति उन परिवारों की है जो कच्चे मकान या झोपड़ी में रह रहे हैं और ठंड के मौसम में भी पहली किस्त का इंतजार कर रहे हैं।
जिले का कुल आंकड़ा क्या कहता है?
- 2024-25 के लिए गोपालगंज जिले को कुल 28,400 PMAY-G घरों का लक्ष्य मिला था।
- अब तक 19,200 लाभुकों को पहली किस्त मिल चुकी है।
- 5,800 घर पूरे होकर हैंडओवर भी किए जा चुके हैं।
- लेकिन 1,036 परिवार ऐसे हैं जिनका नाम लिस्ट में है, सब कुछ पूरा है, फिर भी खाता खाली है।
हाथरस, बैकुंठपुर, सिधवलिया, विजयीपुर और फुलवरिया ब्लॉक में सबसे ज्यादा शिकायतें आई हैं।
लाभुकों की आवाज: “सरकार बोले तो हम कब तक इंतजार करें?”
सिधवलिया प्रखंड के वार्ड 9 की रहने वाली रंजू देवी कहती हैं, “मकान का नाम तो निकला, फोटो भी खींचा गया, आधार भी दे दिया, लेकिन पैसा नहीं आया। अब ठंड में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, कहां जाएं?” विजयीपुर के रामविलास राम ने बताया, “मजदूरी छोड़कर बार-बार ब्लॉक और बैंक के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी बोलते हैं – सर्वर डाउन है, कल आना।”
प्रशासन क्या कह रहा है?
गोपालगंज के डीडीसी श्री संजीव कुमार ने जागरण को बताया, “1036 मामलों में से 680 का NPCI मैपिंग पूरा हो चुका है। बाकी 350 में आधार या बैंक डिटेल में त्रुटि है। हमने सभी बीडीओ और पंचायत सचिवों को 5 दिसंबर तक सभी केस क्लियर करने का टारगेट दिया है। जो भी तकनीकी दिक्कत है, उसे पटना और दिल्ली लेवल पर भी उठाया जा रहा है।”
जिला पंचायती राज अधिकारी ने यह भी बताया कि दिसंबर के पहले हफ्ते में विशेष कैंप लगाकर सभी लंबित केस निपटाए जाएंगे।
पीएम आवास योजना में बिहार का प्रदर्शन
बिहार पूरे देश में PMAY-G के टॉप-5 राज्यों में शुमार है। अब तक राज्य में 38 लाख से ज्यादा पक्के मकान बन चुके हैं। लेकिन गोपालगंज जैसे कई जिलों में “लास्ट माइल डिलीवरी” की समस्या अब भी बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण बैंक, पोस्ट ऑफिस और CSP सेंटर्स पर आधार सीडिंग की ट्रेनिंग बढ़ानी होगी, तभी 100% सेचुरेशन संभव है।
अगर आप भी हैं PMAY-G लाभुक और पैसा अटका है तो ये करें
- सबसे पहले PMAY-G ऐप या वेबसाइट (pmayg.nic.in) पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्टेटस चेक करें।
- अगर FTO Generated दिख रहा है लेकिन पैसा नहीं आया तो अपने बैंक में NPCI स्टेटस चेक करवाएं।
- हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 पर कॉल करें या WhatsApp हेल्पलाइन 99715 99999 पर मैसेज करें।
- स्थानीय पंचायत सचिव/बीडीओ से मिलकर लिखित आवेदन दें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि 2025 तक हर गरीब के पास पक्का मकान हो। गोपालगंज के ये 1036 परिवार उसी सपने का हिस्सा हैं। बस जरूरत है तो सिर्फ आखिरी छोर तक योजना को पहुंचाने की। उम्मीद है दिसंबर का पहला हफ्ता इन परिवारों के लिए नई सुबह लेकर आएगा।











