गोल्ड न्यूज : 26 दिसंबर 2025 को प्रेशियस मेटल्स मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोना, चांदी और प्लेटिनम ने नए रिकॉर्ड हाई बनाए, जबकि चांदी ने पहली बार $75 प्रति औंस का लेवल क्रॉस किया। स्पेकुलेटिव मोमेंटम, अमेरिकी रेट कट की उम्मीदें, कमजोर डॉलर और बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन ने इस रैली को फ्यूल किया। यह साल प्रेशियस मेटल्स के लिए ऐतिहासिक रहा है, जहां चांदी ने 158% तक का रिटर्न दिया।
गोल्ड न्यूज वर्तमान कीमतें और रिकॉर्ड हाई
- चांदी: पहली बार $75.14 प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर पहुंची, स्पॉट प्राइस $74.56 पर।
- सोना: $4,530.60 के ऑल-टाइम हाई के बाद स्पॉट प्राइस $4,504.79 प्रति औंस।
- प्लेटिनम: $2,429.98 के रिकॉर्ड हाई के बाद $2,393.40 प्रति औंस।
- पैलेडियम: तीन साल के हाई के बाद $1,771.14 प्रति औंस।

सभी प्रमुख प्रेशियस मेटल्स वीकली गेन की ओर बढ़ रहे हैं। इस साल सोने ने 1979 के बाद सबसे मजबूत एनुअल परफॉर्मेंस दिखाई, जबकि चांदी 158%, प्लेटिनम 165% और पैलेडियम 90% से ज्यादा ऊपर है।
रैली के प्रमुख कारण
यह रैली कई फैक्टर्स का नतीजा है:
- स्पेकुलेटिव मोमेंटम: दिसंबर से स्पेकुलेटिव प्लेयर्स ने सोना-चांदी में तेजी लाई।
- यर-एंड लिक्विडिटी कम होना: मार्केट में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम ने प्राइस मूवमेंट को बढ़ावा दिया।
- अमेरिकी रेट कट की उम्मीदें: 2026 में दो रेट कट की प्राइसिंग, लोअर इंटरेस्ट
- रेट में गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को सपोर्ट।
- कमजोर डॉलर: विदेशी बायर्स के लिए प्रेशियस मेटल्स सस्ते हुए।
- जियोपॉलिटिकल रिस्क: वेनेजुएला ऑयल पर अमेरिकी क्वारंटाइन, नाइजीरिया में स्ट्राइक्स और अन्य टेंशन ने सेफ-हेवन डिमांड बढ़ाई।
- चांदी स्पेसिफिक: स्ट्रक्चरल सप्लाई डेफिसिट, अमेरिका में क्रिटिकल मिनरल स्टेटस और इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर इलेक्ट्रॉनिक्स)।
- प्लेटिनम-पैलेडियम: टाइट सप्लाई, टैरिफ अनसर्टेन्टी और गोल्ड से इन्वेस्टमेंट रोटेशन।
OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग ने कहा, “दिसंबर से मोमेंटम-ड्रिवन स्पेकुलेटिव प्लेयर्स ने रैली को पावर दिया, जिसमें थिन लिक्विडिटी, रेट कट उम्मीदें, कमजोर डॉलर और जियोपॉलिटिकल रिस्क ने योगदान दिया।”
आगे का आउटलुक
एक्सपर्ट्स का मानना है कि रैली जारी रह सकती है। केल्विन वोंग के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में सोना $5,000 प्रति औंस और चांदी $90 तक पहुंच सकती है। फेडरल रिजर्व की पॉलिसी ईजिंग, सेंट्रल बैंक बाइंग, ETF होल्डिंग्स बढ़ना और डी-डॉलराइजेशन सोने को सपोर्ट देते रहेंगे। चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन से और बढ़ेगी।
भारतीय निवेशकों के लिए यह मौका है सोना-चांदी में निवेश बढ़ाने का, खासकर फेस्टिव सीजन और वेडिंग डिमांड को देखते हुए। हालांकि, हाई प्राइस पर ज्वेलरी डिमांड प्रभावित हो सकती है, लेकिन बार्स और कॉइन्स में रिटेल इन्वेस्टमेंट मजबूत रहेगा।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर आप प्रेशियस मेटल्स में निवेश कर रहे हैं, तो लॉन्ग-टर्म होल्डिंग पर फोकस करें। गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स या फिजिकल गोल्ड-चांदी अच्छे ऑप्शन हैं। वोलेटिलिटी को ध्यान में रखें और डाइवर्सिफिकेशन बनाए रखें।












