गोल्ड सिल्वर प्राइस : भारतीय कमोडिटी मार्केट में चांदी (Silver) ने जनवरी 2026 में इतिहास रच दिया था, लेकिन अब तेज गिरावट देखने को मिल रही है। MCX पर चांदी की कीमत रिकॉर्ड हाई से 44,000 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। 29 जनवरी को जहां चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई छुआ था, वहीं 30 जनवरी को यह गिरकर 3,75,900 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई। यानी एक दिन में 6% और रिकॉर्ड से 10% की भारी गिरावट! ग्लोबल मार्केट में भी स्पॉट सिल्वर $115.83 प्रति औंस पर आ गया, जो रिकॉर्ड $121.64 से नीचे है।
फिर भी, जनवरी महीने में चांदी ने 62% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है, जो रिकॉर्ड मासिक परफॉर्मेंस है। सोना भी प्रभावित हुआ, स्पॉट गोल्ड 0.9% गिरकर $5,346.42 पर आया।
चांदी की कीमत में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
यह ड्रामेटिक फॉल कई फैक्टर्स का नतीजा है:
अमेरिकी डॉलर में मजबूती: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस हफ्ते ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने कहा कि दिसंबर में इन्फ्लेशन 2% टारगेट से ऊपर रह सकता है। इससे डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई, जो प्रेशियस मेटल्स के लिए नेगेटिव है। डॉलर मजबूत होने पर चांदी और सोना महंगे लगते हैं, जिससे डिमांड घटती है।

प्रॉफिट बुकिंग का दबाव: जनवरी में चांदी ने 62% की रैली की, जिसके बाद निवेशक मुनाफा वसूलने लगे। रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद स्पेकुलेटिव ट्रेडर्स ने पोजीशन्स कम कीं, जिससे तेज बिकवाली हुई। छोटे मार्केट होने से चांदी में मूवमेंट ज्यादा तेज होते हैं।
ग्लोबल अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स: ट्रंप प्रशासन की ईरान पर सख्ती और अन्य टेंशन के बावजूद, कुछ निवेशकों ने रिस्क-ऑफ मोड से बाहर निकलकर प्रॉफिट लिया। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अनिश्चितता बढ़ने पर सेफ-हेवन एसेट्स जैसे चांदी को फायदा होता है।
- इंडस्ट्रियल डिमांड और अन्य फैक्टर्स: चांदी का बड़ा हिस्सा इंडस्ट्रियल यूज (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) में जाता है।
- लेकिन शॉर्ट-टर्म में डॉलर और ब्याज दरों का असर ज्यादा पड़ा।
- एक्सपर्ट रॉस मैक्सवेल (VT Markets) का कहना है कि डॉलर में नरमी और अनिश्चितता
- चांदी के लिए पॉजिटिव है। स्टॉक मार्केट में वोलेटिलिटी बढ़ सकती है
- जो प्रेशियस मेटल्स को सपोर्ट करेगी।
आज चांदी का भाव क्या है? (30 जनवरी 2026)
- MCX सिल्वर: करीब 3,75,900 – 3,85,000 रुपये प्रति किलो (विभिन्न एक्सपायरी पर)
- दिल्ली स्पॉट रेट: 4,101 रुपये प्रति 10 ग्राम (यानी 4,10,100 रुपये प्रति किलो)
- अन्य शहर: मुंबई, कोलकाता, बैंगलोर में 4,200 – 4,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास
- ग्लोबल स्पॉट: $115.83 प्रति औंस
जनवरी में चांदी ने 150%+ सालाना रिटर्न दिए, लेकिन अब करेक्शन चल रहा है।
आगे क्या होगा? चांदी में निवेश का मौका?
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट प्रॉफिट बुकिंग और टेक्निकल करेक्शन है।
- लॉन्ग-टर्म में चांदी मजबूत दिख रही है क्योंकि:
- इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स) बढ़ रही है।
- सप्लाई कंस्ट्रेंट्स और चीन जैसे देशों की पॉलिसी।
- जियोपॉलिटिकल टेंशन और इन्फ्लेशन से सेफ-हेवन डिमांड।
कुछ एनालिस्ट्स कहते हैं कि अगर डॉलर कमजोर होता है तो चांदी फिर रिकॉर्ड बना सकती है। लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी रहेगी। निवेशकों को बाय ऑन डिप्स स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए।
चांदी का भविष्य उज्ज्वल, लेकिन सावधानी जरूरी
- जनवरी 2026 चांदी के लिए ऐतिहासिक रहा – 62% मंथली गेन! लेकिन रिकॉर्ड हाई
- से 44,000 रुपये की गिरावट ने निवेशकों को चौंकाया। वजह मुख्य रूप से डॉलर की
- मजबूती और प्रॉफिट बुकिंग है। लॉन्ग-टर्म में चांदी आकर्षक बनी हुई है, खासकर आत्मनिर्भर
- भारत और ग्रीन एनर्जी के दौर में। अगर आप निवेश सोच रहे हैं, तो मार्केट ट्रेंड और ग्लोबल इवेंट्स पर नजर रखें।












