आगरा नहर घोटाला : आगरा नहर सफाई में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिससे सिंचाई कार्य प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने जब बैठक रद्द कर खुद मौके पर जाकर नहरों की स्थिति का जायजा लिया तो अनियमितताओं का भंडाफोड़ हुआ।
नहर सफाई में भ्रष्टाचार का खुलासा
मामला आगरा जिले की नहर सफाई का है, जिसमें लगभग तीन करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। लेकिन मौके का निरीक्षण करने पर पता चला कि बजट का दुरुपयोग हो रहा है और केवल किनारों से घास छिलाई जा रही है, जबकि नहर की तलहटी में जमीन की सिल्ट और गंदगी जस की तस बनी हुई है। कई नहरों में दो फुट तक पानी भरा होने के कारण सही सफाई करना संभव नहीं था, फिर भी फर्जीवाड़े के तहत सफाई का दावा किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष का सख्त रवैया
डॉ. मंजू भदौरिया ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अभियंता नीरज कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्य अभियंता और संबंधित शासन को पत्र भी लिखा है। उन्होंने सिंचाइ विभाग की लापरवाही और अनियमितताओं पर ध्यान दिलाया और कहा कि अधिशासी अभियंता ने बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया, जिससे समस्या और बढ़ी।
किसानों को पड़ा बड़ा नुकसान
- आगरा जिले में करीब 1.50 लाख से अधिक किसान नहरों से सिंचाई करते हैं।
- नहर सफाई में घोटाले और लापरवाही की वजह से नहरें बंद पड़ी हैं
- और 80 हजार से अधिक किसान सिंचाई के लिए पानी की दरकार में हैं।
- इससे उनकी फसल बुआई और उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
पिछली शिकायतें और जांच
- यह भ्रष्टाचार पहली बार सामने नहीं आया है। वर्ष 2012-13 में भी नहर सफाई के नाम पर
- पांच करोड़ रुपये के बंदरबांट का मामला सामने आया था, जिसमें कई अभियंताओं के खिलाफ
- आरोप लग चुके हैं। अब फिर से ऐसी ही गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की खबरें आ रही हैं।
किसानों और अधिकारियों की मांगें
किसानों ने सरकार से इस भ्रष्टाचार को रोकने और जांच के लिए तकनीकी टीम गठित करने की मांग की है। साथ ही, ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लगाकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कही गई है।
- आगरा नहर सफाई घोटाले से स्पष्ट हो गया है कि सिंचाई विभाग में पैसों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के
- कारण किसानों को सिंचाई सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया
- के कदम से यह मुद्दा अधिकारियों और शासन के समक्ष गंभीरता से उठा है। तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है
- ताकि किसानों को समय पर सिंचाई पानी मिल सके और उनकी फसलें बचाई जा सकें।








