विकसित भारत 2047 : भारत की आर्थिक यात्रा अब नई ऊंचाइयों को छू रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ताजा रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक भारत अपर मिडिल इनकम कैटेगरी में शामिल हो जाएगा। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय में 33% से अधिक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (Per Capita GNI) 2030 तक $4,000 (लगभग ₹3.32 लाख से ₹3.62 लाख) तक पहुंच जाएगी, जो वर्ल्ड बैंक के अपर मिडिल इनकम थ्रेशोल्ड (~$4,500) के करीब है। इससे भारत चीन और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ इस ग्रुप में शामिल हो जाएगा।
विकसित भारत 2047 SBI रिपोर्ट के मुख्य हाइलाइट्स – 20 जनवरी 2026 अपडेट
SBI रिसर्च (Issue #35, FY26) में भारत की तेज GDP ग्रोथ और प्रति व्यक्ति आय के ट्रेंड्स पर विस्तार से चर्चा की गई है:
- वर्तमान स्थिति (2026): प्रति व्यक्ति आय अनुमानित $3,000 (लगभग ₹2.49-2.50 लाख)।
- 2030 प्रोजेक्शन: $4,000+ (33%+ बढ़ोतरी)।
- ऐतिहासिक सफर:
- 2009: $1,000
- 2019: $2,000 (10 साल में दोगुनी)
- 2026: $3,000 (अगले 7 साल में)
- 2030: $4,000 (अगले 4 साल में)
पिछले 23 सालों (2001-2024) में प्रति व्यक्ति आय में 8.3% CAGR दर्ज हुई है, जो 2030 के टारगेट को हासिल करने में मददगार साबित होगी।

भारत की अर्थव्यवस्था के बड़े माइलस्टोन्स
रिपोर्ट में भारत की GDP ग्रोथ की स्पीड को खास तौर पर हाइलाइट किया गया:
- आजादी के बाद पहले 60 साल में $1 ट्रिलियन इकोनॉमी (2007-08 के आसपास)।
- अगले 7 साल में $2 ट्रिलियन (2014)।
- अगले 7 साल में $3 ट्रिलियन (2021)।
- अगले 4 साल में $4 ट्रिलियन (2025)।
- 2027-28 तक $5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने का अनुमान।
- 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था।
यह ग्रोथ रेट पिछले दशकों से कहीं तेज है, जो मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक फंडामेंटल्स, डेमोग्राफिक डिविडेंड, रिफॉर्म्स और ग्लोबल पोजिशनिंग का नतीजा है।
वर्ल्ड बैंक क्लासिफिकेशन और थ्रेशोल्ड
वर्ल्ड बैंक देशों को प्रति व्यक्ति GNI के आधार पर वर्गीकृत करता है:
- लोअर मिडिल इनकम: भारत 2007 में शामिल हुआ।
- अपर मिडिल इनकम: थ्रेशोल्ड ~$4,000-$4,500 (2030 तक भारत इसमें आएगा)।
- हाई इनकम: वर्तमान थ्रेशोल्ड $13,936 (विकसित भारत 2047 विजन के लिए)।
2047 तक हाई इनकम बनने के लिए 7.5% CAGR चाहिए। अगर थ्रेशोल्ड बढ़कर $18,000 हो जाए तो 8.9% CAGR की जरूरत पड़ेगी। SBI का कहना है कि पिछले ट्रेंड्स (8.3% CAGR) को देखते हुए यह संभव है, लेकिन सुधारों की गति बनाए रखनी होगी।
चुनौतियां और आगे का रास्ता
रिपोर्ट में कुछ चुनौतियों का भी जिक्र है:
- उच्च आय थ्रेशोल्ड समय के साथ बढ़ सकता है।
- निवेश, इंडस्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्टिविटी बढ़ानी होगी।
- जॉब क्रिएशन (खासकर महिलाओं के लिए), स्किल डेवलपमेंट और ग्लोबल अनिश्चितताओं से बचाव जरूरी।
SBI रिसर्च का निष्कर्ष: “भारत अपर मिडिल इनकम देश बन सकता है और बनेगा। अगर आर्थिक सुधार जारी रहे तो 2047 तक हाई इनकम स्टेटस भी हासिल हो सकता है।”
यह रिपोर्ट आम भारतीयों के लिए खुशखबरी है – बेहतर इनकम, लिविंग स्टैंडर्ड्स और मजबूत अर्थव्यवस्था का मतलब ज्यादा अवसर और विकास। क्या आपको लगता है भारत यह लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लेगा? कमेंट में अपनी राय जरूर शेयर करें!












