सीएम धामी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि अखंड भारत के शिल्पकार को याद किया!

On: December 15, 2025 5:39 AM
Follow Us:

सरदार वल्लभभाई पटेल : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 दिसंबर 2025 को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक सादे समारोह में सीएम धामी ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व से अखंड भारत की नींव रखी।

सरदार पटेल का अविस्मरणीय योगदान

#सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत का ‘लौह पुरुष‘ और ‘अखंड भारत का शिल्पकार‘ कहा जाता है। स्वतंत्रता के बाद देश में 562 से अधिक रियासतें थीं, जिन्हें एक सूत्र में पिरोना एक बड़ी चुनौती थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, दृढ़ संकल्प और कभी-कभी सख्त रुख अपनाकर इन रियासतों का भारत में विलय करवाया। हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसे जटिल मामलों में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। यदि सरदार पटेल न होते, तो आज का भारत शायद इतना एकजुट और मजबूत न होता।

सरदार वल्लभभाई पटेल
सरदार वल्लभभाई पटेल
  • सीएम धामी ने अपने संदेश में कहा, “सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्रनिष्ठ सोच और
  • अदम्य साहस के बल पर देश की अनेक रियासतों का एकीकरण कर अखंड एवं सशक्त भारत की नींव रखी।
  • राष्ट्रहित के प्रति उनका अटल संकल्प, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
  • देश की एकता, अखंडता और समरसता के लिए सरदार पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।”

यह बयान न केवल सरदार पटेल के योगदान को रेखांकित करता है, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए भी एकता और अखंडता का संदेश देता है। उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां विविधता के बावजूद एकता कायम है, सरदार पटेल की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं।

पुण्यतिथि पर क्यों दी जाती है श्रद्धांजलि?

हर साल 15 दिसंबर को सरदार पटेल की पुण्यतिथि मनाई जाती है। वर्ष 1950 में इसी दिन उनका निधन हुआ था। वहीं, उनकी जयंती 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन ‘रन फॉर यूनिटी‘ जैसी कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिसमें उत्तराखंड के सीएम धामी भी पहले सक्रिय रूप से भाग ले चुके हैं।

इस वर्ष पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री आवास में सादगीपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन न केवल सरदार पटेल को याद करने का माध्यम बना, बल्कि राष्ट्रप्रेम और एकता की भावना को मजबूत करने का भी।

उत्तराखंड में सरदार पटेल की प्रेरणा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अक्सर अपने भाषणों में सरदार पटेल का जिक्र करते हैं। राज्य की विकास योजनाओं में एकता और समरसता को प्रमुखता दी जाती है। चाहे वह ‘विकसित उत्तराखंड@2047‘ की बात हो या स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना, धामी सरकार सरदार पटेल की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत‘ की भावना से प्रेरित नजर आती है।

सरदार पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘ दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जो उनकी विरासत को जीवंत रखती है। उत्तराखंड में भी युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। स्कूलों और कॉलेजों में उनके योगदान पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आने वाली نسلें राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।

सरदार पटेल की विरासत अमर

  • सीएम धामी द्वारा दी गई श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सरदार पटेल
  • के आदर्शों को जीवंत रखने का संकल्प है। आज के दौर में जब देश एकता और विकास की नई
  • ऊंचाइयों को छू रहा है, सरदार पटेल का योगदान हमें निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Tota Water Gun Pichkari

Tota Water Gun Pichkari – 2026 की होली के लिए सबसे दमदार Event गन

Best Herbal Holi Colors

Best Herbal Holi Colors – प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों के साथ इस साल होली मनाएँ

महाशिवरात्रि पर देवघर

महाशिवरात्रि पर देवघर बैद्यनाथ धाम में मोर मुकुट चढ़ाने से दूर होती हैं विवाह बाधाएं अनोखी परंपरा और उपाय!

महाशिवरात्रि 2026 उज्जैन

महाशिवरात्रि 2026 उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में 6 फरवरी से शुरू शिव नवरात्रि बाबा महाकाल का दूल्हा श्रृंगार और चार प्रहर पूजा!

वर्ल्ड कैंसर डे 2026

वर्ल्ड कैंसर डे 2026 नेल्लोर में जागरूकता कार्यक्रमों का सिलसिला – IRCS कैंसर हॉस्पिटल की सिल्वर जुबली नारायण हॉस्पिटल ने फ्री स्क्रीनिंग पैकेज घोषित किया!

महाशिवरात्रि 2026

महाशिवरात्रि 2026 पूजन सामग्री तिथि समय और विधि इन चीजों के बिना अधूरी रहती है शिव पूजा!