सेलिना जेटली घरेलू हिंसा : सेलिना जेटली ने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया है और 50 करोड़ रुपये का मुआवजा मांग किया है। यह मामला हाल ही में मुंबई की अदालत में दाखिल हुआ है, जिसमें उन्होंने अपने पति पर शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। सेलिना का आरोप है कि पीटर के व्यवहार के कारण उन्हें ऑस्ट्रिया के घर से भागकर भारत आना पड़ा।
मामला और आरोप
सेलिना जेटली ने अदालत में बताया कि शादी के बाद से ही उन्हें पीटर से कई तरह के अत्याचार झेलने पड़े। पीटर ने उन्हें काम करने से रोका और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता छीन ली। सेलिना ने पति को एक स्वार्थी और सहानुभूति रहित व्यक्ति बताया है, जिन्होंने अपने तीन बच्चों की परवरिश के दौरान भी उनके साथ क्रूरता बरती। इस घरेलू हिंसा के कारण सेलिना ने 50 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है, जिसमें उनकी कमाई में हुए नुकसान और उनकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान का हिसाब भी शामिल है।

कानूनी पहल और मांगें
सेलिना ने अदालत से 10 लाख रुपये मासिक भत्ता, अपने बच्चों की कस्टडी, और अपने मुंबई के घर में पत्नी के पति को प्रवेश करने से रोकने का आदेश देने की भी मांग की है। पीटर हाग, जो ऑस्ट्रियन होटल उद्योग से जुड़े हैं, इस समय इस मामले का सामना कर रहे हैं। अदालत ने इस निपटारे के लिए पीटर को नोटिस जारी कर आगामी सुनवाई की तारीख तय की है।
सेलिना ने बताया कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इसने उनके सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
परिवार और पृष्ठभूमि
- सेलिना जेटली और पीटर हाग की शादी 2011 में ऑस्ट्रिया में हुई थी।
- उनके तीन बेटे हैं, जिनमें से एक जुड़वां है।
- सेलिना पहले भी अपने परिवार की मुश्किलों से जूझती रही हैं, जिसमें उनके भाई की संयुक्त अरब अमीरात में
- बेकायदा हिरासत भी शामिल है। इन सभी परेशानियों के बीच उन्होंने न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है।
- सेलिना ने सोशल मीडिया पर भी अपनी पीड़ा और इस मामले की गंभीरता
- को साझा किया है, जिससे यह मामला और सार्वजनिक हो गया है।
सोशल मीडिया और प्रतिक्रिया
- सेलिना की इस कानूनी लड़ाई ने कई फैंस और बॉलीवुड हस्तियों का ध्यान आकर्षित किया है।
- उन्होंने अपनी बात के समर्थन में कई पोस्ट और बयान जारी किए हैं जो उनके दर्द और संघर्ष को दर्शाते हैं।
- उनके फैंस उनके मजबूत कदम की सराहना कर रहे हैं और उनके लिए न्याय की कामना कर रहे हैं।








