EVM सुरक्षा अपडेट : भारत में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाल ही में बिहार के पटना जिले में मतदान संपन्न होने के बाद, सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों की EVM मशीनों को एएन कॉलेज के वज्रगृह में सुरक्षित रूप से रखा गया है। इस वज्रगृह में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के साथ-साथ चुनावी उम्मीदवारों को भी 24 घंटे निगरानी की अनुमति दी गई है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनी रहे और सभी प्रत्याशियों को भरोसा दिलाया जा सके।
वज्रगृह में EVM सुरक्षा व्यवस्था
मतदान समाप्ति के बाद EVM मशीनों को वज्रगृह तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों (CAPF), राज्य पुलिस, और निर्वाचक पदाधिकारियों की कड़ी निगरानी में की जाती है। वज्रगृह के अंदर और बाहर सुरक्षा के लिए तीन स्तर की संरक्षा व्यवस्था होती है जिसमें आधुनिक हथियारों से लैस जवान तैनात रहते हैं। वज्रगृह परिसर में सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जाती है तथा हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाता है ताकि मशीनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

उम्मीदवारों को मिली निगरानी की अनुमति
बिहार प्रशासन ने उम्मीदवारों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को यह सुविधा दी है कि वे चुनावी मशीनों की निगरानी के लिए वज्रगृह परिसर में 24 घंटे बैठ सकें। इसके लिए उन्हें पर्याप्त आराम, भोजन, पेयजल, और शौचालय जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। इससे उम्मीदवार अपनी मशीनों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भरोसा रख सकते हैं।
- इसके अलावा, वज्रगृह के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति
- का प्रवेश रोका जा सके। सभी कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और प्रतिनिधियों का प्रवेश पहचान
- पत्र जांच के बाद ही सुनिश्चित किया जाता है। इस कड़ी निगरानी से
- चुनावी विवादों को न्यूनतम करने का प्रयास किया जाता है।
निष्पक्षता और पारदर्शिता की गारंटी
मतगणना की तिथि निर्धारित है और इस बीच सभी EVM मशीनों का रख-रखाव और सुरक्षा उच्चतम स्तर पर किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था मतगणना में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रदान करेगी। मशीनों की हर हलचल कैमरे की निगरानी में है, तथा नियंत्रण कक्ष से लाइव फीड देखी जा रही है।
प्रत्याशियों के एजेंट भी मशीनों के आस-पास रहकर सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकते हैं। मतदान और मतगणना के बीच की अवधि में यह इंतजाम चुनाव की विश्वसनीयता को बढ़ाता है और मतदान के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करता है।
वज्रगृह सुरक्षा की समग्र व्यवस्था
- तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था, केंद्रीय सशस्त्र बलों और राज्य पुलिस की संयुक्त सेवाएं।
- लाइव सीसीटीवी फुटेज मॉनिटरिंग सुविधा।
- उम्मीदवारों और प्रतिनिधियों को सात दिन तक 24 घंटे वज्रगृह में रहने की अनुमति।
- प्रवेश पर पहचान पत्र की कड़ी जांच।
- आसपास बैरिकेडिंग और वाहनों के प्रतिबंध।
- भोजन, पेयजल, और विश्राम की उचित व्यवस्था।
- वज्रगृह में EVM मशीनों की सुरक्षा और उम्मीदवारों को निगरानी की अनुमति चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता
- और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे न केवल चुनावी विवाद कम होंगे
- बल्कि जनता का चुनाव प्रणाली पर भरोसा भी बढ़ेगा। भारत के लोकतंत्र में इस
- तरह की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से चुनावों की विश्वसनीयता की गारंटी मिलती है।












