बकरीद 2026 गाइडलाइंस दिल्ली सरकार ने बकरीद (ईद-उल-अजहा) से पहले पशु कल्याण और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी कर दी है। विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क, गली, बाजार या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कुर्बानी नहीं की जा सकेगी। गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
22 मई 2026 को विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री कपिल मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को पशु कल्याण कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बकरीद पवित्र त्योहार है, लेकिन कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।

बकरीद 2026 गाइडलाइंस कपिल मिश्रा का सख्त स्टैंड
मुख्य निर्देश:
- सार्वजनिक स्थानों (सड़क, गली, पार्क, बाजार) पर कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित।
- गौवंश (गाय, बछड़े), ऊंट आदि की कुर्बानी गैरकानूनी।
- केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निर्धारित वैध स्थानों पर ही अनुमति।
- कुर्बानी के बाद खून, कचरा या अवशेष सड़क/नालियों में फेंकने पर कार्रवाई।
प्रतिबंधित जानवरों की सूची
कपिल मिश्रा ने स्पष्ट रूप से इन जानवरों की कुर्बानी पर रोक लगाई है:
- गाय
- बछड़ा
- ऊंट
- अन्य प्रतिबंधित पशु (दिल्ली एग्रीकल्चर कैटल प्रिजर्वेशन एक्ट 1994 के तहत)
अवैध पशु परिवहन, बिना अनुमति की खरीद-बिक्री और पशु क्रूरता के मामलों में आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।
अवैध खरीद-फरोख्त और सफाई पर सख्ती
मंत्री ने कहा कि गलियों और सार्वजनिक जगहों पर पशुओं की अवैध खरीद-बिक्री भी पूरी तरह बंद रहेगी। कुर्बानी के बाद सफाई की जिम्मेदारी भी संबंधित लोगों पर होगी। सीवर में खून या वेस्ट बहाने पर भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
कपिल मिश्रा ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करते दिखे तो तुरंत पुलिस या स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें।
क्यों जारी किए गए ये सख्त निर्देश?
बकरीद पर बड़े पैमाने पर कुर्बानी होती है। इससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं:
- सार्वजनिक स्वच्छता और स्वास्थ्य का खतरा
- ट्रैफिक जाम और व्यवधान
- पशु क्रूरता की शिकायतें
- सामाजिक-धार्मिक संवेदनशीलता
दिल्ली सरकार इन मुद्दों को रोकना चाहती है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण, स्वच्छ और कानूनी तरीके से मनाया जा सके।
कानूनी प्रावधान क्या कहते हैं?
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960
- दिल्ली एग्रीकल्चर कैटल प्रिजर्वेशन एक्ट 1994
- स्थानीय म्यूनिसिपल नियम
इन कानूनों के तहत अवैध कुर्बानी पर जुर्माना, जब्ती और जेल की सजा का प्रावधान है। सरकार इस बार विशेष निगरानी रख रही है।
नागरिकों की भूमिका और सलाह
हर दिल्लीवासी को इन गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए।
- अपने इलाके के अधिकृत कुर्बानी स्थल की पहले से जानकारी लें।
- केवल वैध जगह पर ही कुर्बानी करें।
- सफाई का पूरा ध्यान रखें।
- सोशल मीडिया पर अवैध कुर्बानी की तस्वीरें/वीडियो शेयर न करें (कुछ रिपोर्ट्स में इस पर भी सलाह दी गई है)।
कपिल मिश्रा के इन निर्देशों से साफ है कि दिल्ली सरकार पशु कल्याण, सार्वजनिक स्वच्छता और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है। बकरीद का त्योहार खुशी और भाईचारे से मनाया जाए, लेकिन कानून का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






