बजाज हाउसिंग फाइनेंस शेयर : स्टॉक मार्केट में कभी-कभी एक छोटी सी खबर तूफान ला देती है। 2 दिसंबर 2025 को ऐसा ही कुछ हुआ जब बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) का शेयर प्राइस 9% की भारी गिरावट के साथ 52-वीक लो पर पहुंच गया। BSE पर यह Rs 94.90 तक लुढ़क गया, जबकि NSE पर 11:30 बजे तक Rs 97.77 पर ट्रेड कर रहा था (6.48% नीचे)। अगर आप निवेशक हैं या स्टॉक मार्केट की खबरों से जुड़े हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए है। यहां हम बताएंगे कि इस गिरावट के पीछे क्या ट्रिगर था, कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ कैसी है, और फ्यूचर आउटलुक क्या है। Bajaj Housing Finance Share Price Crash के सारे राज खोलेंगे!
Bajaj Housing Finance का बैकग्राउंड और IPO स्टोरी
बजाज हाउसिंग फाइनेंस, जो बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है, ने 16 सितंबर 2024 को अपना IPO लॉन्च किया था। Rs 6,560 करोड़ का यह IPO 67.43 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें रिटेल इन्वेस्टर्स ने अपनी कोटा का 7.4 गुना बिड किया। IPO प्राइस बैंड Rs 66-70 था, और लिस्टिंग के बाद शेयर Rs 137 पर खुले थे। प्रमोटर बजाज फाइनेंस के पास 88.70% इक्विटी है, जो 739 करोड़ से ज्यादा शेयर्स के बराबर है। कंपनी हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में मजबूत प्लेयर है, जो किफायती होम लोन और प्रॉपर्टी फाइनेंसिंग पर फोकस करती है। लेकिन लिस्टिंग के 15 महीनों बाद, शेयर 23% नीचे ट्रेड कर रहा है – 50-डे SMA (Rs 109) और 200-डे SMA (Rs 116) से भी नीचे। टेक्निकल एनालिसिस में MFI (मनी फ्लो इंडेक्स) 23 पर है, जो ओवरसोल्ड जोन (30 से नीचे) दिखाता है।

स्टॉक गिरावट का मेन ट्रिगर: प्रमोटर ब्लॉक डील
- इस क्रैश का सबसे बड़ा कारण था प्रमोटर बजाज फाइनेंस द्वारा 2.35% स्टेक की ब्लॉक डील। रिपोर्ट्स के मुताबिक
- करीब 19.5 करोड़ शेयर्स Rs 97 प्रति शेयर पर बेचे गए, जिसकी वैल्यू Rs 1,890 करोड़ के आसपास थी।
- यह पिछले क्लोज (Rs 104.59) से 9% डिस्काउंट पर हुआ। स्पेकुलेशंस में फ्लोर प्राइस Rs 95 बताया गया
- जिसमें 16.6 करोड़ इक्विटी शेयर्स शामिल थे। मार्केट में ऐसी डील्स से इनसाइडर सेलिंग का डर फैल जाता है
- जो निवेशकों का कॉन्फिडेंस हिला देता है। ब्लॉक डील के ऐलान होते ही शेयर में पैनिक सेलिंग शुरू हो गई
- और 52-वीक हाई (Rs 150+) से 37% नीचे आ गया। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्रमोटर की तरलता जरूरत
- या पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग के पीछे यह मूव हो सकता है, लेकिन मार्केट ने इसे नेगेटिव सिग्नल लिया।
कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ: ग्रोथ जारी, लेकिन प्रेशर बढ़ा
गिरावट के बावजूद, Bajaj Housing Finance की फंडामेंटल्स मजबूत हैं। Q2FY26 (जुलाई-सितंबर 2025) में नेट प्रॉफिट 18% बढ़कर Rs 643 करोड़ हो गया (पिछले साल Rs 546 करोड़ से)। रेवेन्यू 14% ग्रोथ के साथ Rs 2,755 करोड़ पर पहुंचा (पिछले साल Rs 2,410 करोड़ से)। सीक्वेंशियली, PAT 10% ऊपर (Q1FY26 के Rs 583 करोड़ से) और रेवेन्यू 5.3% बढ़ा (Rs 2,616 करोड़ से)। AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) में भी तेजी आई है, जो हाउसिंग सेक्टर की डिमांड दिखाती है। लेकिन रेगुलेटरी चैलेंजेस, जैसे RBI के रिस्क वेट बढ़ाने से NBFC सेक्टर पर प्रेशर है। Bajaj Housing Finance ने लोन बुक को क्वालिटीफुल रखा है, लेकिन हाई वैल्यूएशन (P/E रेशियो 30+) ने भी सेलर्स को अट्रैक्ट किया।
मार्केट कंटेक्स्ट और फ्यूचर आउटलुक
भारतीय हाउसिंग फाइनेंस मार्केट 2025 में 15% CAGR से बढ़ रहा है, लेकिन इंटरेस्ट रेट्स और इकोनॉमिक स्लोडाउन ने स्टॉक्स को हिट किया। Bajaj Housing Finance का मार्केट कैप अब Rs 70,000 करोड़ से नीचे है, जो IPO वैल्यूएशन से 20% कम। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए यह डिप बायिंग का मौका हो सकता है, क्योंकि कंपनी का RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) 20%+ है। लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी बनी रहेगी। RBI पॉलिसी और Q3 रिजल्ट्स पर नजर रखें। अगर ब्लॉक डील के बाद कोई पॉजिटिव न्यूज आई, तो रिकवरी तेज हो सकती है।












