राघव चड्ढा की नियुक्ति हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी मिली है। उन्हें राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 20 मई 2026 से प्रभावी है।
राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन किया और राघव चड्ढा को इस अहम पैनल का प्रमुख बनाया गया।

राघव चड्ढा की नियुक्ति: क्या है याचिका समिति?
राज्यसभा की याचिका समिति नागरिकों की याचिकाओं (petitions) की जांच करती है। आम लोगों की शिकायतें, समस्याएं और सुझाव संसद तक पहुंचाने का यह महत्वपूर्ण माध्यम है।
समिति के नए सदस्यों में शामिल हैं:
- हर्ष महाजन
- गुलाम अली
- शंभू शरण पटेल
- मयंक कुमार नायक
- मस्तान राव यादव बीधा
- जेबी माथेर हिशाम
- सुभाषीष खुंटिया
- रंगव्रा नारजारी
- संदोश कुमार पी
राघव चड्ढा की अध्यक्षता में यह समिति अब और अधिक सक्रिय होने की उम्मीद है।
AAP से BJP में शामिल होने का सफर
राघव चड्ढा लंबे समय तक आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरे रहे। वे दिल्ली और पंजाब राजनीति में सक्रिय थे। लेकिन अप्रैल 2026 में उन्होंने AAP छोड़ दी।
27 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा सहित AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने भाजपा की सदस्यता ली। इनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं।
इसके बाद AAP के पास राज्यसभा में सिर्फ 3 सांसद बचे हैं। AAP ने इन सांसदों को बर्खास्त करने की मांग राज्यसभा सभापति से की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राघव चड्ढा को मिली जिम्मेदारी का मतलब
भाजपा में शामिल होते ही राघव चड्ढा को यह महत्वपूर्ण पद मिलना उनके नए राजनीतिक भविष्य की ओर इशारा करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:
- भाजपा नए चेहरों को मौका दे रही है।
- राघव चड्ढा की कानूनी पृष्ठभूमि और संसदीय अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी उपयुक्त मानी जा रही है।
- याचिका समिति के माध्यम से जन समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
राघव चड्ढा का दिल्ली हाईकोर्ट जाना
नई जिम्मेदारी मिलने के बीच राघव चड्ढा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फैलाए जा रहे डीपफेक और AI जनरेटेड फर्जी कंटेंट को हटाने की मांग की गई है।
कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रख लिया है।
राघव चड्ढा कौन हैं?
- पेशे से वकील
- AAP के संस्थापक सदस्यों में से एक
- दिल्ली विधानसभा में पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके
- पंजाब में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
- अब भाजपा में सक्रिय
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं!
भाजपा नेताओं ने इस नियुक्ति का स्वागत किया है। वहीं AAP ने इसे “पैसे लेकर पार्टी बदलने” का आरोप लगाते हुए विरोध जताया है।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि भारतीय राजनीति में दल बदलना और नई जिम्मेदारियां कितनी तेजी से हो सकती हैं।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न: राघव चड्ढा को कौन सी समिति का अध्यक्ष बनाया गया? उत्तर: राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions)।
प्रश्न: राघव चड्ढा कब भाजपा में शामिल हुए? उत्तर: 27 अप्रैल 2026 को।
प्रश्न: याचिका समिति क्या काम करती है? उत्तर: आम नागरिकों की याचिकाओं की जांच और संसद में उठाना।
प्रश्न: समिति का पुनर्गठन कब हुआ? उत्तर: 20 मई 2026 से प्रभावी।
राजनीति का नया समीकरण
राघव चड्ढा की राज्यसभा याचिका समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति भारतीय राजनीति में दल बदल और नए गठबंधनों का उदाहरण है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नई जिम्मेदारी में वे कितनी प्रभावी भूमिका निभाते हैं।







