कुरुक्षेत्र में अद्भुत नजारा : महाभारत की पवित्र भूमि कुरुक्षेत्र एक बार फिर विश्व के आध्यात्मिक मानचित्र पर चमक उठी है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के पहले दिन ब्रह्मसरोवर के तट पर इतिहास रचा गया – 21,000 से अधिक स्कूली बच्चों ने एक साथ, एक स्वर में भगवद्गीता के 700 श्लोक पूरे उच्चारण के साथ गाए। यह दृश्य देख हर आंख नम और हर दिल गद्गद् हो गया। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और हजारों श्रद्धालु गवाह बने इस अलौकिक पल के। अगर आप Gita Chanting by 21000 Children, International Gita Mahotsav 2025 या Kurukshetra Gita Jayanti सर्च कर रहे हैं, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए परफेक्ट है।
21,000 बच्चों का विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला सामूहिक गीता पाठ
सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह कार्यक्रम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की निगरानी में आयोजित किया गया। 21,000 बच्चे सफेद कुर्ता-पायजामा और केसरिया दुपट्टे में एकसाथ ब्रह्मसरोवर के विशेष मंच पर बैठे। सभी के हाथ में गीता की प्रति, होंठों पर श्लोक और मन में भक्ति। जब पहला श्लोक “धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे…” गूंजा तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

- 700 श्लोकों का पूर्ण पाठ बिना किसी रुकावट के 2 घंटे 18 मिनट में पूरा।
- आयु वर्ग: 8 से 18 वर्ष तक के बच्चे।
- 400 से ज्यादा स्कूलों (हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान) के छात्र शामिल।
- मंच पर मौजूद रहे इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ, आर्ट ऑफ लिविंग के गुरुदेव श्री श्री रविशंकर (वर्चुअल) और कई संत-महात्मा।
सीएम नायब सैनी बोले – “गीता केवल ग्रंथ नहीं, जीवन दर्शन है!
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण की शुरुआत है। 21,000 बच्चे जब एक साथ गीता बोल रहे हैं तो यह संदेश दुनिया को जा रहा है कि आने वाली पीढ़ी संस्कृति से जुड़ी हुई है।” उन्होंने घोषणा की कि हरियाणा के हर स्कूल में अब गीता कक्षाएं अनिवार्य होंगी और अगले साल 50,000 बच्चों का लक्ष्य रखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025: 2 से 18 दिसंबर तक धूम
इस बार का थीम “गीता: अनंत संभावनाओं का मार्ग” है। मुख्य आकर्षण:
- 18 देशों के 108 विद्वान गीता पर प्रवचन देंगे।
- 51 फुट ऊंची भगवान कृष्ण की प्रतिमा का अनावरण।
- गीता जयंती मेला – 500 से ज्यादा स्टॉल्स, सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- रोजाना शाम को गीता आधारित लाइट एंड साउंड शो ब्रह्मसरोवर पर।
- 18 दिसंबर को गीता जयंती पर महाआरती और 1 लाख दीप प्रज्वलन।
क्यों खास है कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव?
- यही वह पवित्र स्थल है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।
- पिछले 8 सालों से हरियाणा सरकार इसे ग्लोबल इवेंट बना रही है।
- 2024 में 35 लाख श्रद्धालु आए थे, इस बार 50 लाख का लक्ष्य।
बच्चों की तैयारी: 3 महीने की कड़ी मेहनत
इन 21,000 बच्चों ने पिछले 3 महीनों से रोजाना 2-2 घंटे गीता पाठ की प्रैक्टिस की। कई बच्चे पहली बार संस्कृत श्लोक बोल रहे थे। एक 12 साल की छात्रा रिया ने कहा, “मुझे पहले लगता था गीता बहुत कठिन है, लेकिन अब हर श्लोक का अर्थ समझ आता है। मैं अब डरती नहीं, कर्म करती हूं।”
गीता का संदेश आज भी प्रासंगिक क्यों?
- तनाव, डिप्रेशन से जूझ रही युवा पीढ़ी के लिए गीता रामबाण है।
- कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग का संतुलन आज के व्यस्त जीवन में जरूरी।
- इसरो चेयरमैन सोमनाथ ने कहा, “जब हम चंद्रयान लॉन्च करते हैं तो गीता का श्लोक ‘योगस्थ: कुरु कर्माणि’ याद करते हैं – यही सफलता का मंत्र है।”
आप भी जुड़ सकते हैं इस पुण्य कार्य में
- लाइव स्ट्रीमिंग: हरियाणा टूरिज्म के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर।
- टिकट: ब्रह्मसरोवर में एंट्री फ्री, VIP पास ₹500 में।
- दान: गीता वितरण, अन्नदान और दीपदान के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च।
21,000 बच्चों की एकस्वर गीता ने साबित कर दिया कि भारत की संस्कृति मर नहीं रही, बल्कि नई पीढ़ी में जीवंत हो रही है। कुरुक्षेत्र की यह पुकार पूरे विश्व तक जा रही है – गीता अमर है, भारत अमर है। आप भी 2 से 18 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र पहुंचें या घर बैठे लाइव जुड़ें। जय श्रीकृष्ण!












