दिल्ली में AAP कार्यकर्ता : दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में आम आदमी पार्टी (AAP) की सक्रिय कार्यकर्ता रचना यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। 10 जनवरी 2026 को हुई इस घटना में अब दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने कबूल किया कि रचना यादव को मारने की साजिश नवंबर 2025 में ही रच ली गई थी। मुख्य आरोपी भरत यादव ने इस हत्या की पूरी प्लानिंग की, क्योंकि उसे डर था कि रचना की गवाही से उसके खिलाफ केस मजबूत हो जाएगा।
कौन थीं रचना यादव?
52 वर्षीय रचना यादव शालीमार बाग में RWA (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) की सदस्य और AAP की समर्पित कार्यकर्ता थीं। वे 2023 में हुए अपने पति बिजेंद्र यादव की हत्या के मामले में मुख्य चश्मदीद गवाह थीं। बिजेंद्र की हत्या भलस्वा गांव में जमीन विवाद के दौरान हुई थी, जिसमें भरत यादव मुख्य आरोपी था। भरत को पुलिस ने भगोड़ा घोषित किया था और 20,000 रुपये का इनाम रखा था। रचना ट्रायल में सक्रिय थीं और अदालत में गवाही देने वाली थीं, जिससे भरत को उम्रकैद या सजा का डर था।

हत्या कैसे हुई?
10 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे, रचना एक पड़ोसी के अंतिम संस्कार से लौट रही थीं। घर के पास मोटरसाइकिल पर आए हमलावर ने उन्हें करीब से सिर में गोली मार दी। हमलावर अपने साथी के साथ फरार हो गए। CCTV में हमलावर का चेहरा साफ कैद हुआ, लेकिन शुरुआत में गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे AAP ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
साजिश और प्लानिंग का पूरा खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि:
- नवंबर 2025 में बिहार में भरत यादव ने हत्या की साजिश रची।
- दिसंबर में हथियार और चोरी की मोटरसाइकिल का इंतजाम किया गया।
- भरत ने 22 वर्षीय निखिल चावला (पानीपत निवासी) को 5 लाख रुपये की सुपारी दी। 50,000 रुपये एडवांस दिए गए।
- 9 जनवरी को निखिल ने रचना की रेकी की।
- 10 जनवरी को निखिल ने हत्या की, जबकि सुमित कुमार (23 वर्ष) को साथ में लिया
- लेकिन उसे सुपारी के बारे में नहीं बताया – सिर्फ पैसे लेने का बहाना बनाया।
- तीनों ने पूछताछ में कबूल किया कि प्लानिंग पिछले साल नवंबर से चल रही थी।
पुलिस ने कैसे पकड़ा?
दिल्ली पुलिस ने AI टूल्स और NATGRID का इस्तेमाल कर संदिग्ध के चेहरे को मैच किया – निखिल से 87% मैच मिला। मोबाइल GPS से पुष्टि हुई कि निखिल घटनास्थल और बिहार के कटिहार में था। करीब 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने 1,000 किमी से ज्यादा का पीछा किया।
- 21 जनवरी 2026 के आसपास बिहार के कटिहार जिले के जंगली इलाके से भरत यादव और निखिल चावला गिरफ्तार।
- हरियाणा के पानीपत से सुमित कुमार पकड़ा गया। चार अन्य लोगों से पूछताछ जारी है।
राजनीतिक बवाल
हत्या के बाद AAP ने दिल्ली पुलिस और बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। नेता आतिशी ने परिवार से मुलाकात की और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कानून-व्यवस्था की बैठक मांगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के घर से सिर्फ 400 मीटर दूर दिनदहाड़े हत्या हुई, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था फेल। अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। परिवार की दो बेटियां न्याय की गुहार लगा रही हैं।
रचना यादव हत्या मामला गवाह सुरक्षा, जमीन विवाद और राजनीतिक अपराधों का गंभीर उदाहरण है। पुलिस की AI और CCTV आधारित जांच से तीन गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन सवाल बाकी हैं – क्या दिल्ली में गवाह सुरक्षित हैं? यह केस हाई-प्रोफाइल होने के कारण और जांच जारी रहेगी।
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