भारतीय रुपया आज : (22 दिसंबर 2025) शुरुआती कारोबार में 22 पैसे की मजबूती के साथ 89.45 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कई सत्रों से रुपया लगातार रिकवरी कर रहा है और विदेशी मुद्रा बाजार में यह ट्रेंड जारी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार खरीदारी, मजबूत घरेलू मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा और ग्लोबल मार्केट में डॉलर इंडेक्स की कमजोरी ने रुपए को सपोर्ट दिया है।
#भारतीय रुपया आज की मजबूती के प्रमुख कारण
- FII इनफ्लो में तेजी दिसंबर 2025 में अब तक FIIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में ₹15,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है। यह ट्रेंड पिछले महीनों से जारी है। मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग्स और स्टॉक मार्केट की रैली ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

- डॉलर इंडेक्स में गिरावट ग्लोबल स्तर पर डॉलर इंडेक्स (DXY) 102 के नीचे आ गया है। अमेरिकी फेड की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने से डॉलर कमजोर हुआ है।
- मजबूत मैक्रो डेटा RBI की हालिया रिपोर्ट में भारत की GDP ग्रोथ 7%+ रहने का अनुमान है। रिटेल इन्फ्लेशन 5% के नीचे है और CAD (Current Account Deficit) भी कंट्रोल में है। ये सभी फैक्टर्स रुपए को सपोर्ट कर रहे हैं।
- RBI का इंटरवेंशन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपए को 89-90 के बैंड में रखने के लिए जरूरत पड़ने पर इंटरवेंशन किया है। RBI के पास $700 बिलियन से ज्यादा का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो रुपए की स्थिरता सुनिश्चित करता है।
आज का ट्रेडिंग सेशन: शुरुआती अपडेट
- ओपनिंग: 89.67 पर खुला
- इंट्राडे हाई: 89.45
- इंट्राडे लो: 89.65
- पिछले सेशन का क्लोज: 89.67
- दिन की मजबूती: 22 पैसे (0.25%)
रुपए की हालिया ट्रेंड
| तारीख | रुपया vs USD | बदलाव (पैसे) |
|---|---|---|
| 15 दिसंबर 2025 | 90.20 | – |
| 18 दिसंबर 2025 | 89.90 | +30 |
| 20 दिसंबर 2025 | 89.67 | +23 |
| 22 दिसंबर 2025 | 89.45 | +22 |
पिछले एक हफ्ते में रुपया 75 पैसे मजबूत हो चुका है।
एक्सपर्ट्स की राय
- मोतीलाल ओसवाल: “रुपया अगले कुछ महीनों में 88-89 के बीच रह सकता है। FII इनफ्लो और RBI का सपोर्ट जारी रहेगा।”
- ICICI सिक्योरिटीज: “डॉलर इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है, जिससे रुपया 88.50 तक पहुंच सकता है।”
- एनालिस्ट: लॉन्ग-टर्म में रुपया 85-90 के रेंज में रहेगा, लेकिन शॉर्ट-टर्म में 88 के नीचे जाने की संभावना कम है।
इंपोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स पर असर
- इंपोर्टर्स: सस्ता डॉलर मिलने से तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कच्चे माल का आयात सस्ता होगा। इससे इन्फ्लेशन कंट्रोल में रहेगा।
- एक्सपोर्टर्स: रुपए की मजबूती से IT, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर के एक्सपोर्ट्स पर दबाव आएगा।
रुपया लगातार मजबूत हो रहा है और 89.45 का स्तर कई महीनों में सबसे मजबूत है। अगर FII इनफ्लो जारी रहा और ग्लोबल डॉलर कमजोर रहा तो रुपया और मजबूत हो सकता है। निवेशकों और बिजनेस कम्युनिटी के लिए यह पॉजिटिव सिग्नल है। रुपए की इस रिकवरी को ट्रैक करते रहें, क्योंकि यह भारतीय इकोनॉमी की मजबूती का संकेत है।












