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100+ मानवाधिकार विशेषज्ञों ने EU से अपील की – कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी कानूनों को कमजोर न करें!

EU BHR experts appeal
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100+ मानवाधिकार विशेषज्ञों ने EU से अपील की – कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी कानूनों को कमजोर न करें!

CSDDD क्या है? मानवाधिकार और पर्यावरण की रक्षा का कानून

CSDDD जुलाई 2024 में लागू हुआ EU का एक ऐतिहासिक कानून है, जो बड़ी कंपनियों को उनकी वैश्विक सप्लाई चेन में मानवाधिकार उल्लंघन (जैसे मजबूर श्रम, बाल श्रम) और पर्यावरणीय नुकसान (जैसे डीफॉरेस्टेशन) को रोकने के लिए जवाबदेह बनाता है।

EU BHR experts appeal
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  • कवरेज: 1,000+ कर्मचारी और €450 मिलियन टर्नओवर वाली EU कंपनियां, और €150 मिलियन EU टर्नओवर वाली गैर-EU कंपनियां।
  • जुर्माना: गैर-अनुपालन पर 5% वैश्विक टर्नओवर तक जुर्माना।
  • जवाबदेही: कंपनियों को क्लाइमेट ट्रांजिशन प्लान बनाना और सिविल लायबिलिटी का सामना करना होगा।

IKEA, Aldi, और Maersk जैसी कंपनियों ने इसका समर्थन किया, क्योंकि यह जिम्मेदार कंपनियों को फायदा देता है। लेकिन अब इसे कमजोर करने की कोशिशें तेज हैं।

Omnibus I Package: क्यों मचा है हंगामा?

फरवरी 2025 में EU कमीशन ने Omnibus I Package पेश किया, जिसे “प्रतिस्पर्धा बढ़ाने” के लिए सस्टेनेबिलिटी कानूनों को सरल करने का दावा किया गया। लेकिन विशेषज्ञ इसे “डिरेगुलेशन” बता रहे हैं। 9 दिसंबर 2025 को EU ने इस डील को मंजूरी दी, जिसमें:

  • CSDDD का दायरा घटाया: अब सिर्फ 5,000+ कर्मचारी और €1.5 बिलियन टर्नओवर वाली कंपनियां शामिल। इससे 72% कंपनियां बाहर।
  • क्लाइमेट प्लान हटाए: कंपनियों को क्लाइमेट ट्रांजिशन प्लान की जरूरत नहीं।
  • सिविल लायबिलिटी खत्म: EU-वाइड लायबिलिटी की जगह राष्ट्रीय कानून, जो पीड़ितों के लिए मुश्किल।
  • सीमित ड्यू डिलिजेंस: सिर्फ टियर-1 सप्लायर्स तक जांच, जबकि नुकसान गहरी सप्लाई चेन में होता है।

Amnesty International की अग्नेस कैलामार्ड ने कहा, “यह कदम EU की ग्रीन डील और क्लाइमेट कमिटमेंट्स के खिलाफ है।”

100+ विशेषज्ञों और 470 संगठनों की अपील: क्या है मांग?

100+ मानवाधिकार विशेषज्ञ और 470 सिविल सोसाइटी संगठन (Amnesty, FIDH, Walk Free) ने EU से मांग की है कि Omnibus I को खारिज करें। उनकी मांगें:

  • CSDDD को मूल रूप में रखें: 2024 के प्रावधान बरकरार रखें।
  • पारदर्शिता: प्रभावित समुदायों और NGOs को ड्यू डिलिजेंस में शामिल करें।
  • कानूनी जवाबदेही: EU-वाइड सिविल लायबिलिटी लागू करें।
  • क्लाइमेट फोकस: क्लाइमेट ट्रांजिशन प्लान अनिवार्य करें।

Ipsos पोल (10,861 लोगों) में 75% यूरोपियन्स ने कहा कि मानवाधिकार और पर्यावरण कानून मजबूत होने चाहिए। 360 CSOs ने कहा, “यह डिरेगुलेशन नहीं, मानवाधिकार पर हमला है।”

क्यों हो रहा विरोध? अमेरिका, कतर और कॉर्पोरेट लॉबी का दबाव

Omnibus I को समर्थन सेंटर-राइट (EPP) और फार-राइट (पैट्रियट्स फॉर यूरोप) दलों से मिला, जिन्हें अमेरिका, कतर, और कॉर्पोरेट लॉबी (ExxonMobil, TotalEnergies) का साथ है। अमेरिका ने कहा कि CSDDD LNG व्यापार को नुकसान पहुंचाएगा। जर्मनी-फ्रांस ने इसे “बिजनेस के लिए बोझ” बताया। लेकिन IKEA, Nestlé, और 100+ कंपनियां CSDDD के पक्ष में हैं, क्योंकि यह जिम्मेदार बिजनेस को बढ़ावा देता है।

EU Ombudswoman ने Omnibus प्रक्रिया को “अनडेमोक्रेटिक” बताया, क्योंकि कोई इम्पैक्ट असेसमेंट या पब्लिक कंसल्टेशन नहीं हुआ।

प्रभाव: मानवाधिकार और पर्यावरण पर खतरा

Walk Free के अनुसार, 27.6 मिलियन लोग मजबूर श्रम का शिकार हैं। कमजोर CSDDD से आधुनिक गुलामी और पर्यावरणीय नुकसान बढ़ेगा। Human Rights Watch ने चेतावनी दी कि पीड़ितों को न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा। EU की ग्रीन डील और COP30 कमिटमेंट्स खतरे में हैं।

बदलावप्रभाव
दायरा 72% घटाज्यादातर कंपनियां जिम्मेदारी से मुक्त
सिविल लायबिलिटी हटीपीड़ितों को राष्ट्रीय कानूनों की भूलभुलैया
टियर-1 ड्यू डिलिजेंसगहरी सप्लाई चेन में नुकसान अनदेखा

EU का फैसला – मानवाधिकार या कॉर्पोरेट मुनाफा?