राजेश मेहता कौन हैं? राजेश एक्सपोर्ट्स पर SEBI का 15 लाख करोड़ का फ्रॉड आरोप – गोल्ड किंग का साम्राज्य हिल गया!

On: June 5, 2026 11:08 AM
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राजेश मेहता कौन हैं

राजेश मेहता कौन हैं भारतीय शेयर बाजार और कॉर्पोरेट जगत में बड़ा भूचाल आ गया है। सोने की दुनिया के बादशाह कहे जाने वाले राजेश मेहता और उनकी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (REL) पर SEBI ने 15.15 लाख करोड़ रुपये की अकाउंटिंग धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि इसकी तुलना भारत के कई सालों के रक्षा बजट से की जा रही है। यह कथित घोटाला इतिहास के सबसे बड़े एकाउंटिंग फ्रॉड में शुमार हो सकता है।

आइए विस्तार से जानते हैं – राजेश मेहता कौन हैं, क्या हैं आरोप, कंपनी की सफाई और इस पूरे मामले का असर।

राजेश मेहता कौन हैं
राजेश मेहता कौन हैं राजेश मेहता के जीवन परिचय, करियर और उपलब्धियों के बारे में जानें

राजेश मेहता का सफर: फर्श से अर्श तक

#राजेश मेहता बेंगलुरु के एक जैन कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा बेंगलुरु के नेशनल कॉलेज से हुई। 1988 में उन्होंने अपने भाई प्रशांत मेहता के साथ पारिवारिक ज्वेलरी बिजनेस शुरू किया। मात्र दो साल में दोनों भाइयों ने देश की पहली ऑर्गेनाइज्ड गोल्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर दी।

1991 में R&D सेंटर खोलने के बाद 1994 तक राजेश एक्सपोर्ट्स भारत की सबसे बड़ी गोल्ड ज्वेलरी निर्यातक कंपनी बन गई। 1995 में कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हुई। राजेश मेहता इसके संस्थापक और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं।

  • करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2015 में आया, जब उन्होंने स्विट्जरलैंड की प्रसिद्ध गोल्ड रिफाइनरी
  • वालकाम्बी (Valcambi) का अधिग्रहण किया। इस डील ने उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड
  • रिफाइनिंग फैसिलिटी का नियंत्रण दे दिया। कंपनी का दावा है कि वह दुनिया के कुल सोने के
  • उत्पादन का 35% प्रोसेस करती है और भारत की प्रमुख गोल्ड एक्सपोर्टर है।
  • राजेश मेहता को गोल्ड किंग के नाम से भी जाना जाता है।

SEBI के आरोप: 15 लाख करोड़ की हेराफेरी

  • #SEBI ने अपने अंतरिम आदेश में गंभीर आरोप लगाए हैं। FY 2021 से FY 2025 के बीच कंपनी
  • ने अपनी कमाई को 15.15 लाख करोड़ रुपये बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। सब्सिडियरी
  • कंपनियों की रिपोर्टेड कमाई का 99.8% हिस्सा फर्जी हो सकता है।
  • 97-99% विदेशी रेवेन्यू का स्वतंत्र सत्यापन नहीं हो सका।
  • विदेशी सब्सिडियरीज के नाम पर कागजी लेन-देन दिखाए गए।
  • अहमदाबाद की ब्रोकिंग फर्म एफ्लुएंस शेयर्स के जरिए 11,487 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद-बिक्री दिखाई गई, जबकि GST रिकॉर्ड में इसका कोई जिक्र नहीं।
  • कंपनी के 338.90 करोड़ रुपये राजेश मेहता के निजी ट्रेडिंग लॉस को कवर करने के लिए इस्तेमाल किए गए।

#SEBI ने जांच पूरी होने तक राजेश मेहता को कंपनी की सिक्योरिटीज खरीदने-बेचने पर रोक लगा दी है और फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है।

कंपनी की सफाई और बाजार की प्रतिक्रिया!

  • राजेश एक्सपोर्ट्स ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है
  • कि SEBI को गलतफहमी हुई है। Valcambi के EBITDA को रेवेन्यू समझ लिया गया
  • जिससे 97% का अंतर दिख रहा है। कंपनी ने इसे कम्युनिकेशन गैप बताया
  • और SEBI के साथ पूरा सहयोग करने का वादा किया।
  • इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में 5% की गिरावट दर्ज की गई।
  • प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 54.55% है, जबकि LIC की हिस्सेदारी करीब 10.80% है।

राजेश मेहता कौन हैं कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर उठते सवाल

  • राजेश एक्सपोर्ट्स का टर्नओवर हमेशा बहुत बड़ा रहा, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन बेहद कम।
  • उदाहरण के तौर पर FY 2025-26 में टर्नओवर 9,188 करोड़ रुपये था
  • लेकिन नेट प्रॉफिट सिर्फ 32 करोड़ रुपये। इस मामले ने ऑडिटर्स, बोर्ड और
  • बड़े निवेशकों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या होगा आगे?

यह मामला अभी जांच के अधीन है। अगर आरोप साबित हुए तो यह भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा फ्रॉड साबित हो सकता है। निवेशकों, शेयर बाजार और गोल्ड इंडस्ट्री पर इसका गहरा असर पड़ेगा।

राजेश मेहता ने अपने मेहनत और विजन से सोने का विशाल साम्राज्य खड़ा किया, लेकिन SEBI के आरोपों ने पूरे उद्योग को झकझोर दिया है। अब फोरेंसिक ऑडिट और आगे की जांच तय करेगी कि यह सचमुच फ्रॉड था या सिर्फ गलतफहमी। निवेशकों को सलाह है कि ऐसे बड़े आरोपों के समय सतर्क रहें और फैक्ट चेकिंग जरूर करें।

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