आम आदमी पेट्रोल खर्च भारत में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं। हाल ही में आई एक नई रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि एक सामान्य नौकरीपेशा व्यक्ति अपनी मासिक आय का बड़ा हिस्सा केवल पेट्रोल पर खर्च कर देता है। यही वजह है कि अब लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक आम आदमी हर महीने कितना पेट्रोल खरीद या “कमा” पाता है?
देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में रोजाना ऑफिस जाने वाले, छोटे व्यापारियों और डिलीवरी कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ती ईंधन कीमतों ने परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

आम आदमी पेट्रोल खर्च पेट्रोल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स भी पेट्रोल को महंगा बनाते हैं।
- एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में पेट्रोल की मूल कीमत लगभग 55 से 57 रुपये प्रति लीटर होती है
- लेकिन टैक्स और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद इसकी कीमत 100 रुपये से ऊपर पहुंच जाती है।
- यानी ग्राहक जो पैसा देता है, उसका बड़ा हिस्सा टैक्स में चला जाता है।
आम आदमी की कमाई और पेट्रोल खर्च का गणित
यदि किसी व्यक्ति की मासिक आय 20,000 से 25,000 रुपये है और वह रोजाना बाइक से 20 से 30 किलोमीटर सफर करता है, तो उसे हर महीने लगभग 25 से 35 लीटर पेट्रोल की जरूरत पड़ सकती है। वर्तमान कीमतों के हिसाब से यह खर्च 3,000 रुपये से अधिक हो जाता है।
- यानी एक सामान्य व्यक्ति की आय का लगभग 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा
- सिर्फ पेट्रोल में खर्च हो रहा है। यही कारण है कि लोग अब निजी वाहन कम इस्तेमाल करने लगे हैं
- और सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ रहे हैं।
महंगाई पर भी पड़ रहा सीधा असर
- पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों के लिए जरूरी नहीं हैं, बल्कि इनका असर पूरे बाजार पर पड़ता है।
- ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है, जिससे फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो जाते हैं।
- हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
- इससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
बड़े शहरों में सबसे ज्यादा असर
- दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इंदौर और बेंगलुरु जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
- कुछ शहरों में तो पेट्रोल 107 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है।
- इससे नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ ऑटो चालक, टैक्सी ड्राइवर और छोटे व्यवसायी भी परेशान हैं।
- विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ीं
- तो भारत में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं।
क्या GST से सस्ता हो सकता है पेट्रोल?
काफी समय से पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाने की मांग हो रही है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि पेट्रोल पर GST लागू हो जाए, तो इसकी कीमत 70 से 75 रुपये प्रति लीटर तक आ सकती है।
हालांकि सरकारों के लिए पेट्रोल और डीजल टैक्स कमाई का बड़ा स्रोत हैं, इसलिए इस पर फैसला लेना आसान नहीं माना जा रहा।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
पेट्रोल कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई लोग मजाक में कह रहे हैं कि अब बाइक चलाना भी “लक्जरी” बनता जा रहा है। वहीं कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का बेहतर विकल्प बता रहे हैं।
भविष्य में क्या हो सकता है?
- आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं हुईं
- तो आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। इससे महंगाई पर अतिरिक्त दबाव बनेगा
- और आम आदमी की जेब पर बोझ और बढ़ेगा।
- सरकार फिलहाल लोगों को राहत देने के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है
- लेकिन तत्काल बड़ी राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
आज के समय में पेट्रोल केवल एक ईंधन नहीं बल्कि हर परिवार के बजट का बड़ा हिस्सा बन चुका है। बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जिंदगी को प्रभावित किया है। नई रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि सामान्य आय वाला व्यक्ति अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा केवल पेट्रोल पर खर्च कर रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।







