बंगाल में सत्ता पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर पहला बड़ा छापा पड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व दमकल एवं आपातकालीन सेवा मंत्री और TMC के कद्दावर नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में गिरफ्तार कर लिया है। साढ़े 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सोमवार रात को उनकी गिरफ्तारी हुई।
यह ब्लॉग पोस्ट सुजीत बोस की गिरफ्तारी, भर्ती घोटाले की पूरी डिटेल, उनके राजनीतिक सफर और बंगाल राजनीति पर पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से बताता है।

सुजीत बोस की गिरफ्तारी: पूरा मामला
12 मई 2026 को ED ने सुजीत बोस से पूछताछ शुरू की। करीब 10.5 घंटे चली मैराथन पूछताछ के बाद रात 9:15 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उनकी पत्नी और बेटी दवा और खाना लेकर ED दफ्तर पहुंचीं।
- ED ने सुजीत बोस का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार
- उनके बयानों में कई विसंगतियां पाई गईं और जांच में सहयोग न करने का आरोप है।
बंगाल में सत्ता नगर निगम भर्ती घोटाला क्या है?
ईडी की जांच के अनुसार, पश्चिम बंगाल के करीब 60 नगर निगमों में लगभग 5000 पदों पर अवैध भर्तियां की गईं। खासतौर पर दक्षिण दमदम नगर निगम में 329 अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दी गई।
मुख्य आरोप:
- ग्रुप C और ग्रुप D पदों (ड्राइवर, सफाईकर्मी, स्वास्थ्य कर्मी) पर धांधली
- अयान शील की कंपनी के जरिए OMR शीट में बड़े पैमाने पर हेरफेर
- इंटरव्यू में 0 अंक पाने वाले उम्मीदवारों को भी पक्की नौकरी
- तत्कालीन चेयरमैन पांचू रॉय और सुजीत बोस के निर्देश पर यह सब हुआ
इस मामले में CBI पहले ही पांचू रॉय के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ED की छापेमारी अक्टूबर 2025 में ही शुरू हो चुकी थी।
कौन हैं सुजीत बोस?
सुजीत बोस की राजनीतिक यात्रा काफी दिलचस्प रही है:
- शुरुआत CPI(M) की युवा wing DYFI से
- सुभाष चक्रवर्ती के करीबी रहे, बाद में TMC में शामिल
- 2009 में बिधाननगर सीट से पहली बार विधायक बने
- 2021 में मंत्री पद संभाला
- हाल के चुनाव में अपने गढ़ बिधाननगर से 37,330 वोटों से हार गए
वे कोलकाता की प्रसिद्ध श्रीभूमि दुर्गा पूजा के लिए भी जाने जाते हैं। एक बार पूजा के दौरान ट्रैफिक जाम हो जाने पर तत्कालीन CM ममता बनर्जी ने उन्हें सार्वजनिक रूप से डांटा था।
BJP सरकार में TMC पर सख्ती क्यों?
- नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही TMC शासनकाल के भ्रष्टाचार
- की जांच का वादा किया था। सुजीत बोस इस दिशा में पहला बड़ा लक्ष्य बने हैं।
- ED और CBI की कार्रवाई अब और तेज होने की उम्मीद है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया!
- TMC ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदला बताया है, जबकि BJP इसे भ्रष्टाचार
- के खिलाफ सख्त कार्रवाई बता रही है। बंगाल की जनता लंबे समय से भर्ती घोटालों
- कचरा प्रबंधन और बुनियादी समस्याओं से परेशान थी, जिसका असर हाल के चुनावों में TMC को भारी पड़ा।
आगे क्या हो सकता है?
- ED की जांच अन्य नगर निगमों तक बढ़ सकती है
- और TMC नेताओं पर कार्रवाई की संभावना
- बंगाल में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की मांग तेज
सुजीत बोस की गिरफ्तारी बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ED की पहली बड़ी कार्रवाई है। यह दिखाता है कि नए सरकार भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से ले रही है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक किसी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
बंगाल की राजनीति अब भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और विकास के मुद्दों पर केंद्रित होने वाली है। इस मामले पर आगे की अपडेट्स के लिए बने रहिए।
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