ट्रंप की ग्रीनलैंड धमकी 8 यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाया, EU ने इमरजेंसी मीटिंग की – बड़ा व्यापारिक तनाव!

On: January 19, 2026 10:31 AM
Follow Us:
ट्रंप की ग्रीनलैंड धमकी

ट्रंप की ग्रीनलैंड धमकी : 19 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने ग्रीनलैंड (डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र) को अमेरिका में शामिल करने की अपनी पुरानी इच्छा पर जोर देते हुए 8 यूरोपीय देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह टैरिफ 1 फरवरी 2026 से लागू होगा और अगर ग्रीनलैंड की डील नहीं हुई तो 1 जून से बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। इस फैसले के खिलाफ यूरोपीय संघ (EU) ने तुरंत इमरजेंसी मीटिंग बुलाई, जहां राजदूतों ने जवाबी कार्रवाई पर गहन चर्चा की।

ट्रंप की ग्रीनलैंड धमकी ट्रंप के टैरिफ का पूरा विवरण

#ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके कहा कि डेनमार्क और अन्य यूरोपीय सहयोगी देशों ने हाल ही में ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास किया, जो अमेरिका के लिए खतरा है। इसलिए उन्होंने निम्नलिखित 8 देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया:

ट्रंप की ग्रीनलैंड धमकी
ट्रंप की ग्रीनलैंड धमकी
  • डेनमार्क
  • नॉर्वे
  • स्वीडन
  • फ्रांस
  • जर्मनी
  • ब्रिटेन
  • नीदरलैंड्स
  • फिनलैंड

यह टैरिफ सभी सामानों पर लागू होगा और ट्रंप इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बता रहे हैं। उनका कहना है कि ग्रीनलैंड आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका के लिए रणनीतिक महत्व रखता है, और यूरोपीय देशों का विरोध उन्हें दबाव में लाने के लिए टैरिफ का हथियार है।

EU की इमरजेंसी मीटिंग और प्रतिक्रिया!

ट्रंप की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही EU के 27 सदस्य देशों के राजदूत ब्रसेल्स में इमरजेंसी मीटिंग में जुटे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ट्रंप के इस फैसले का सामना करने के लिए एकजुट रणनीति बनाना था। EU नेताओं ने इसे “ब्लैकमेल” और ट्रांस-अटलांटिक संबंधों के लिए खतरा बताया।

प्रमुख बयान:

  • EU कमिश्नर उर्सुला वॉन डेर लेयेन: टैरिफ धमकी से ट्रांस-अटलांटिक रिश्ते कमजोर होंगे और यह एक खतरनाक सर्पिल शुरू कर सकता है।
  • फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों: कोई धमकी हमें प्रभावित नहीं करेगी, यूरोप एकजुट होकर जवाब देगा।
  • ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर: NATO सहयोगियों पर टैरिफ लगाना गलत है।
  • EU विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास: यह फैसला रूस और चीन को फायदा पहुंचाएगा, क्योंकि पश्चिमी गठबंधन में दरार पड़ेगी।

EU ने जवाबी टैरिफ की तैयारी की है, जिसमें अमेरिकी सामानों पर 93 बिलियन यूरो तक के शुल्क लगाने की बात चल रही है। साथ ही, पिछले साल हुए US-EU ट्रेड डील पर काम रोक दिया गया है, जिससे अमेरिकी उत्पादों पर जीरो टैरिफ का प्लान रुक गया।

संभावित प्रभाव क्या होंगे?

  • यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर असर: निर्यात घटेगा, कीमतें बढ़ेंगी, मुद्रास्फीति और बेरोजगारी का खतरा।
  • वैश्विक व्यापार: अमेरिका-यूरोप के बीच व्यापारिक युद्ध शुरू हो सकता है, जो पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा।
  • NATO गठबंधन: सहयोगियों पर टैरिफ से सैन्य गठबंधन कमजोर हो सकता है।
  • दावोस WEF में चर्चा: ट्रंप दावोस में स्पीच देंगे, जहां यह मुद्दा हॉट टॉपिक रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह रणनीति ग्रीनलैंड पर दबाव बनाने की है, लेकिन इससे यूरोप और मजबूत एकजुट हो रहा है। EU अब एंटी-कोएरशन इंस्ट्रूमेंट (दबाव-रोधी तंत्र) को एक्टिवेट करने पर विचार कर रहा है, जो अमेरिकी टेक कंपनियों को भी निशाना बना सकता है।

यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में नया मोड़ ला रहा है। क्या ट्रंप पीछे हटेंगे या व्यापार युद्ध बढ़ेगा? आने वाले दिनों में और अपडेट्स मिलेंगे।

Read More : मोहन भागवत का बड़ा बयान ‘भारत में कुछ भी हो, हिंदुओं से पूछा जाएगा’, युवा सम्मेलन में क्या बोले RSS प्रमुख

Read More : बजट में 5G किंग! ₹8499 में 8GB RAM वाला फोन, रिपब्लिक डे सेल का सबसे बड़ा ऑफर – अभी चेक करो!

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now